ग्रंथसार
रणनीति और धर्म के सूक्ष्म संघर्ष को समझना ही महाभारत के उस गहन मर्म तक पहुँचना है जहाँ सत्य और कूटनीति एक-दूसरे में विलीन हो जाते हैं।
द्रोणपर्व · अध्याय 111
रणनीति का छल