ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस भीषण रण में जब अर्जुन का गांडीव गर्जा, तब साक्षात काल भी स्तब्ध रह गया था।
द्रोणपर्व · अध्याय 126
कौरव सेना का संहार