ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस भीषण समर में जब आचार्य द्रोण का क्रोध भड़का, तो साक्षात काल भी उनके धनुष के सम्मुख ठहरने का साहस न कर सका।
द्रोणपर्व · अध्याय 129
द्रोण का रौद्र रूप