ग्रंथसार
महाभारत के महासमर का अंतिम अध्याय केवल युद्ध का अंत नहीं, बल्कि अहंकार के विसर्जन और पश्चाताप की एक मर्मस्पर्शी गाथा है।
द्रोणपर्व · अध्याय 144
दुर्योधन का पलायन