ग्रंथसार
युद्ध की विभीषिका में जब धर्म स्वयं संकट में पड़ गया, तब कूटनीति के उस जटिल जाल को समझना ही कुरुक्षेत्र के रहस्य को जानना है।
द्रोणपर्व · अध्याय 157
कूटनीति का प्रपंच