ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस भीषण रण में बिछी एक ऐसी बिसात, जिसने एक वीर बालक के साहस को इतिहास के पन्नों में अमर कर दिया।
द्रोणपर्व · अध्याय 21
व्यूह रचना का छल