ग्रंथसार
वीरता आयु की मोहताज नहीं होती, यह बात अर्जुन-पुत्र अभिमन्यु के पराक्रम ने कुरुक्षेत्र के रण में सिद्ध कर दिखाई थी।
द्रोणपर्व · अध्याय 22
अभिमन्यु का प्रवेश