ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस रक्त रंजित सूर्योदय की गाथा आज भी मानवीय भावनाओं और कर्तव्य के द्वंद्व की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है।
द्रोणपर्व · अध्याय 25
प्रतिशोध का सूर्योदय