ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की धूल और रक्त से सनी उस रणभूमि में जब गुरु द्रोण का क्रोध जागा, तो स्वयं काल भी ठहर सा गया था।
द्रोणपर्व · अध्याय 30
महायुद्ध का रणनीतिक संघर्ष