ग्रंथसार
क्या आपको पता है कि कुरुक्षेत्र के उस अंतिम प्रहर में कैसे भगवान श्रीकृष्ण की एक मुस्कुराहट ने नियति की दिशा ही बदल दी थी?
द्रोणपर्व · अध्याय 35
श्रीकृष्ण की माया