ग्रंथसार
गुरु द्रोण जैसे अपराजेय योद्धा को केवल शस्त्रों से नहीं, अपितु एक विवशतापूर्ण रणनीति से ही परास्त किया जा सकता था।
द्रोणपर्व · अध्याय 41
रणनीतिक छल