ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस भीषण रण में जब शस्त्रों की वर्षा से आकाश भी धुंधला गया था, तब धर्म और अधर्म का वह सूक्ष्म द्वंद्व कैसे सुलझा, आइए जानते हैं।
द्रोणपर्व · अध्याय 87
व्यूह रचना में उलझन