ग्रंथसार
गुरु द्रोण की उस अद्भुत व्यूह-रचना और रणभूमि में गुरु-शिष्य के उस धर्म-संकट की गाथा आज भी पाण्डव शिविर के उस सन्नाटे को जीवित कर देती है।
द्रोणपर्व · अध्याय 9
व्यूह रचना और सैन्य संचलन