ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की धूल में जब अंतिम आशा भी विलीन हो गई, तब दुर्योधन के हृदय में उठा वह ज्वार कैसा था, आइए जानते हैं।
कर्णपर्व · अध्याय 14
दुर्योधन की व्याकुलता