ग्रंथसार
रणभूमि के सन्नाटे में जब एक धनुर्धर का संकल्प गूंजता है, तो इतिहास अपनी दिशा बदल लेता है।
कर्णपर्व · अध्याय 25
रणनीति का परिवर्तन