ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की धूल में समाया वह सूर्य आज भी इतिहास के पन्नों पर अपनी वीरता की सुनहरी छाया छोड़ गया है।
कर्णपर्व · अध्याय 33
महारथी का पतन