ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के रक्तपात की धूल शांत हुई, किन्तु कर्ण के बलिदान की गूंज आज भी इतिहास की आत्मा को झकझोर देती है।
कर्णपर्व · अध्याय 43
शोक की गूंज