ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस अंतिम कालखंड में जब एक अहंकारी राजा का स्वप्न धूल में मिलने को था, तब उसके अंतर्मन में कैसा कोलाहल मचा होगा, यही आज का हमारा प्रश्न है।
कर्णपर्व · अध्याय 53
दुर्योधन का शोक