ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस अंतिम रण-क्षेत्र की धूल में जब दानवीर कर्ण का रथ फँसा, तो नियति ने अपनी लेखनी से महागाथा का सबसे करुण अध्याय लिख दिया था।
कर्णपर्व · अध्याय 65
अंतिम प्रहार