ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस रणनाद में जब सन्नाटा पसरा, तब केवल दुर्योधन का विलाप ही नहीं, बल्कि एक युग का अंत भी सुनाई दे रहा था।
कर्णपर्व · अध्याय 68
दुर्योधन का विषाद