ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की धूल में समाई उस महायोद्धा की गाथा आज भी काल के प्रवाह में एक अमिट सत्य की तरह गूंजती है।
कर्णपर्व · अध्याय 80
अंतिम प्रहार