ग्रंथसार
नयी पीढ़ी के हृदय में जब इतिहास की जटिल कूटनीति जानने की जिज्ञासा उठती है, तब गुरु का ज्ञान एक ज्योति बनकर मार्ग प्रशस्त करता है।
सभापर्व · अध्याय 19
जरासंध की उत्पत्ति और सामर्थ्य का वर्णन