ग्रंथसार
क्या आप जानते हैं कि गिरिव्रज के उस दुर्गम नगर में भगवान श्रीकृष्ण ने क्यों सीधे द्वार से प्रवेश करना उचित नहीं समझा?
सभापर्व · अध्याय 21
चैत्यक पर्वत का ध्वंस और नगर-प्रवेश