ग्रंथसार
उत्तर दिशा के दुर्गम शिखरों पर जब गाण्डीव की टंकार गूँजी, तब काल ने भी अपनी गति को अर्जुन के विजय-रथ के सम्मुख धीमा कर लिया था।
सभापर्व · अध्याय 27
काश्मीर, लोहित तथा उत्तर के अन्य राज्यों की विजय