ग्रंथसार
नयी दिशाओं की विजय और कर्तव्य के पालन में छिपे उन सूक्ष्म रहस्यों को जानने की जिज्ञासा हर शिष्य के मन में होती है।
सभापर्व · अध्याय 29
भीमसेन का पूर्व दिशा में प्रस्थान और चेदि देश की विजय