ग्रंथसार
अहंकार और भ्रम के जाल में फंसा मनुष्य किस प्रकार स्वयं के पतन का मार्ग प्रशस्त करता है, आइए जानते हैं मय-सभा की उस अद्भुत कथा से।
सभापर्व · अध्याय 46
मय-सभा में दुर्योधन का भ्रम और उपहास