ग्रंथसार
ईर्ष्या की अग्नि में जलते दुर्योधन के हृदय की उस विद्रूपता को आज हम एक गुरु-शिष्य संवाद के माध्यम से समझेंगे।
सभापर्व · अध्याय 53
पांडवों के ऐश्वर्य से दुर्योधन का संताप