ग्रंथसार
नारद मुनि के मुख से निकली राजनीति की वह अमृतवाणी क्या थी, जिसने युधिष्ठिर महाराज के शासन को आदर्श बना दिया?
सभापर्व · अध्याय 6
राजनीति की पूर्णता और लोकपाल सभाओं की जिज्ञासा