ग्रंथसार
अधर्म की सभा में गूंजती विदुर जी की वह चेतावनी आज भी हमें सावधान करती है कि मौन रहकर अत्याचार सहना भी एक अपराध है।
सभापर्व · अध्याय 61
विदुर की सभा को चेतावनी