ग्रंथसार
क्या धर्म की रक्षा में मौन रहना भी अधर्म का ही एक स्वरूप है, गुरुदेव?
सभापर्व · अध्याय 69
भीष्म का धर्म-संशय और द्रौपदी का विलाप