ग्रंथसार
मृत्यु के उस पार न्याय का कैसा स्वरूप है, इसे समझने की जिज्ञासा लिए आज देवरात अपने गुरुदेव सूतजी के चरणों में उपस्थित हुए हैं।
सभापर्व · अध्याय 8
यमराज की धर्मसभा का वर्णन