ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस भीषण महासमर के उपरांत शेष बची मौन और त्रासदी की वह कहानी, जिसे सुनकर आज भी हृदय कांप उठता है।
सौप्तिकपर्व · अध्याय 12
शोक और विलाप