ग्रंथसार
नयमीषारण्य के शांत तपोवन में जब द्रौपदी के आंसुओं की चर्चा छिड़ी, तो हवाओं में भी एक भारीपन सा उतर आया।
सौप्तिकपर्व · अध्याय 13
द्रौपदी का विलाप