ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की रणभूमि से पलायन करते दुर्योधन के अंतिम क्षणों की यह कथा, अधर्म के अंत और न्याय की विजय का एक मार्मिक साक्षी है।
शल्यपर्व · अध्याय 27
दुर्योधन का पलायन