ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के रक्त रंजित इतिहास की उस अंतिम वेला का साक्षी बना था द्वैपायन सरोवर, जहाँ अहंकार और नियति का आमना-सामना हुआ था।
शल्यपर्व · अध्याय 29
द्वैपायन सरोवर