ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की रक्त-रंजित माटी आज भी उन दो महाबलियों के गदा-प्रहारों की गूंज को अपने हृदय में समेटे हुए है।
शल्यपर्व · अध्याय 32
गदा युद्ध का आरंभ