ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस भीषण युद्ध के अंतिम प्रहर की छाया आज भी इतिहास की स्मृतियों में गहरी टीस बनकर उभरती है।
शल्यपर्व · अध्याय 47
वीरों का प्रस्थान