ग्रंथसार
कूटनीति और राजनीति के कठिन सिद्धांतों को समझने की उत्सुकता में शिष्य देवरात ने आज सूतजी के चरणों में बैठकर धर्म और नीति के गूढ़ रहस्यों को जानने का साहस किया।
शान्तिपर्व · अध्याय 111
कूटनीति और सामरिक कौशल