ग्रंथसार
क्या क्रोध की अग्नि में जलते हुए बदला लेना ही एकमात्र मार्ग है, या क्षमा की शीतल छाया में विजय के नए द्वार छिपे हैं?
शान्तिपर्व · अध्याय 134
क्षमा का अद्भुत प्रभाव