ग्रंथसार
ज्ञान का प्रकाश वह एकमात्र मशाल है जो जीवन के घने अंधेरे में भी मनुष्य का मार्ग प्रशस्त करती है।
शान्तिपर्व · अध्याय 135
ज्ञान और विवेक का प्रकाश