ग्रंथसार
क्या हमारे जीवन के संघर्ष केवल भाग्य का खेल हैं या हमारे ही कर्मों का प्रतिफल? आइए, सूतजी के मुख से इस गूढ़ रहस्य को समझते हैं।
शान्तिपर्व · अध्याय 205
कर्म और भाग्य का फल