ग्रंथसार
समय की धारा और ज्ञान का प्रकाश ही वह एकमात्र मार्ग है, जो मनुष्य को भवसागर की अनिश्चितताओं से पार ले जाता है।
शान्तिपर्व · अध्याय 206
काल और ज्ञान का महत्त्व