ग्रंथसार
क्या सत्ता का सुख वास्तव में शांति का मार्ग है या मोह का महाजाल, आइए सूतजी के मुख से धर्मराज युधिष्ठिर और पितामह भीष्म का यह पावन संवाद जानें।
शान्तिपर्व · अध्याय 209
आसक्ति का संकट