ग्रंथसार
ज्ञान की लौ जब हृदय में जलती है, तो सांसारिक मोह के समस्त अंधकार स्वतः ही मिट जाते हैं।
शान्तिपर्व · अध्याय 211
ज्ञान ही परम धन