ग्रंथसार
क्या इंद्रियों पर विजय पाना ही वास्तव में राज्य की धुरी है, या इसके परे भी कोई गहरा राज छिपा है?
शान्तिपर्व · अध्याय 23
आत्म-संयम का मार्ग