ग्रंथसार
क्या हमारे द्वारा किया गया हर छोटा-बड़ा कर्म हमारे भाग्य की रेखाएँ खींचता है, या हम इससे मुक्त भी हो सकते हैं?
शान्तिपर्व · अध्याय 230
कर्म का फल