ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की रणभूमि से निकली धर्म और शासन की वह पावन गूँज, जो आज भी हर शासक के विवेक को जगाने का सामर्थ्य रखती है।
शान्तिपर्व · अध्याय 236
राजा का आचरण