ग्रंथसार
क्या कर्मों का अदृश्य चक्र वास्तव में हमारे भाग्य की डोर थामे हुए है? आइए, सूतजी के मुख से इस शाश्वत सत्य को जानते हैं।
शान्तिपर्व · अध्याय 237
कर्मों का फल