ग्रंथसार
क्या आपने कभी सोचा है कि अंतहीन दौड़ती हुई इच्छाओं के पीछे छिपा वह कौन सा सत्य है, जो हमें शांति के मार्ग से भटका देता है?
शान्तिपर्व · अध्याय 257
कामनाओं का स्वरूप