ग्रंथसार
क्या अनियंत्रित कामनाओं का वेग ही मनुष्य के दुखों का मूल कारण है, या इसके पीछे कोई गहरा दार्शनिक सत्य छिपा है?
शान्तिपर्व · अध्याय 269
कामनाओं का संकट